- मानसून सत्र का समापन: मुख्यमंत्री ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां, विकास और जनकल्याण पर दिया विशेष जोर
- VIDEO: इंस्टाग्राम दोस्ती से शुरू हुआ हनीट्रैप का खेल, बेटे को छुड़ाने पिता पहुंचे; अश्लील वीडियो बनाकर 26 लाख की फिरौती मांगने वाले गिरोह का खुलासा
- महाकाल की पहली सवारी को लेकर प्रशासन की तैयारी तेज, 30 जुलाई तक पूरे होंगे मार्ग विकास कार्य
- महाकाल की भस्म आरती में पहुंचीं टीवी एक्ट्रेस रूपाली गांगुली, नंदी हॉल में बैठकर किए बाबा के दर्शन, बोलीं- महाकाल की कृपा से हूं यहां तक
- श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग भस्म आरती शृंगार दर्शन 23-07-2026
कलेक्टोरेट घेरने की तैयारी, चुनाव के बहिष्कार की भी बन रही योजना,
उज्जैन:गोंदिया ट्रेचिंग ग्राउंड की समस्या से निजात पाने के लिए ग्रामीणों ने मंगलवार को हासामपुरा में बैठक की। तय किया कि जल्द ही बड़ी संख्या में ग्रामीण कलेक्टोरेट का घेराव करेंगे। बावजूद मांग नहीं मानने पर चुनाव का बहिष्कार किया जाएगा।
शहर से गोंदिया के ट्रेचिंग ग्राउंड के कारण २० किमी के दायरे में आने वाले करीब १४ गांव में जल रहे कचरे और जहरीली हवा के कारण घातक बीमारी और लगातार मौत हो रही है। जानकारी के बाद भी प्रशासन ने इसे अब तक गंभीरता से नहीं लिया। नतीजतन मंगलवार शाम प्रभावित गांव के १५० से ज्यादा लोगों ने हासामपुरा में बैठक की। तय किया कि ट्रेचिंग ग्राउंड हटवाने के लिए अप्रैल के प्रथम सप्ताह में कलेक्टोरेट का घेराव करेंंगे। बावजूद समस्या का हल नहीं होने पर ग्रामीणों ने एक सूर में लोकसभा चुनाव में मतदान का बहिष्कार करने की योजना बनाई है। इस दौरान ग्रामीणों ने ट्रेचिंग ग्राउंड हटाओ गांव बचाव के पंप्लेट भी लहराए।
ग्राउंड हटाने के लिए लगाए पोस्टर
ट्रेचिंग ग्राउंड हटवाने के लिए सभी गांव में पोस्टर लगा दिए। बैठक में एक से पांच अप्रैल के बीच कलेक्टोरेट का घेराव फिर सभी 14 गांव में चुनाव के बहिष्कार करना तय किया है।
महेंद्रसिंह देथलिया, जनपद सदस्य, ग्राम गोदिंया
यह है मामला
सर्वविदित है कि वर्ष २००४ में सिंहस्थ को देखते हुए गोंदिया गांव में अस्थाई ट्रेचिंग ग्राउंड बनाया था। वर्ष २०१५ में यहां लगातार कचरा डंप किया जाने लगा। नतीजतन मच्छरों के प्रकोप के साथ करीब ६ माह पहले लगी आग के अब तक नहीं बूझने से जहरीले धुएं से भी गांवों में घातक बीमारियां फैल रही है। ग्रामीणों की माने तो यहां दमा, केंसर से अब तक ७१ लोगों की जान जा चुकी है। वर्तमान में भी यहां २ क्यूबिक मीटर कचरा डंप है।